परिचय
सूचना पट

प्रकृति की अनमोल देन " नदियों " का सामाजिक, आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्त्व विश्व की प्रत्येक सभ्यता के विकास की गाथा से गहरा सम्बन्ध रखता है. मानवीय सभ्यता के सांस्कृतिक विकास में इसके महत्त्व को आंकते हुए विश्व समुदाय ने सन् 2005 से प्रति वर्ष सितम्बर मास के चतुर्थ रविवार को " विश्व नदी दिवस " के रूप में मान्यता दे अपनी क्षेत्रीय नदियों की सुरक्षा के लिए संदेश देने का आह्वान किया है.
आज विश्व - संस्कृति के विकास की संवाहिका " नदी " पर्यावरण के प्रदूषण के कारण अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है. इसी दृष्टि से नदियों के महत्त्व तथा उनकी स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाले इस दिवस ( सितम्बर का चौथा रविवार) पर कश्फ़- परिवार ने यह निर्णय लिया है कि कश्फ़ के 2022 के अंक का केन्द्रीय विषय " अखंड भारत की नदी - सम्पदा का पौराणिक, मिथकीय तथा लोकविश्रुत रूप " रहेगा.
कश्फ़ के सम्मानित पाठकों से आग्रह है कि इस संदर्भ में अपने क्षेत्र विशेष से सम्बन्धित अखंड भारत की प्रमुख नदियों के साथ उनकी सहायक नदियों की विशिष्ट गाथा को संजोने के लिए अपने शोधालेख जुलाई 2022 के अन्तिम सप्ताह तक भिजवा दें.
